
संपादक – शैलेश श्रीवास्तव
संतकबीरनगर – जनपद के मगहर स्थित प्रेक्षागृह में यूनिसेफ द्वारा आयोजित ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ के अंतर्गत एक दिवसीय जिलास्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, बस्ती संजीव त्यागी ने मुख्य रूप से प्रतिभाग करते हुए अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कार्यक्रम में जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार तथा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना भी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, जागरूकता बढ़ाना तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा डीआईजी संजीव त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों—जैसे घरेलू हिंसा, बाल विवाह और लैंगिक आधारित हिंसा—के मामलों में पुलिस को अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों पर तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को हर संभव सहायता व सुरक्षा प्रदान की जाए उन्होंने यह भी जोर दिया कि महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और अन्य सुरक्षा सेवाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंच सके। साथ ही, पुलिस एवं प्रशासन को नियमित रूप से जनसंवाद और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़े डीआईजी ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संवेदनशील मामलों के प्रभावी निस्तारण की भी बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक सभी संबंधित विभाग मिलकर कार्य नहीं करेंगे, तब तक समाज में सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव नहीं है।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
