
ग्राम चौपाल लगाकर समस्याओं के त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण हेतु ग्रामीणों से संवाद कर किया गया जागरुक
संपादक – शैलेश श्रीवास्तव
संतकबीरनगर – उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संतकबीरनगर पुलिस द्वारा जनपद भर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में सभी थानों द्वारा सक्रिय रूप से संचालित किया गया।
अभियान के तहत महिला सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उनका त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उन्हें जागरूक किया गया।
जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं, बालिकाओं एवं आमजन को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आत्मरक्षा के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम और कानून संबंधी जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए लोगों को इनके उपयोग के लिए प्रेरित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं cybercrime.gov.in पोर्टल शामिल हैं।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न थानों द्वारा प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कोतवाली खलीलाबाद: मधुकुंज तिराहा, समय माता मंदिर
महिला थाना: समय माता मंदिर, मधुकुंज तिराहा
धनघटा थाना: लुहारिया चौकी, घोरंग, जोखुटा, खजूर टीकर
महुली थाना: बैरिहवा
मेंहदावल थाना: पक्का पोखरा, अंजहिया बाजार
बखिरा थाना: ठठेरा मोहल्ला, भंगेश्वरनाथ मंदिर
धर्मसिंहवा थाना: ग्राम धर्मसिंघवा, पूनिया, देऊरा
इन सभी स्थानों पर महिलाओं, बालिकाओं एवं स्कूली छात्राओं को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया।
इसके साथ ही महिला बीट अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों ने चौपाल शैली में संवाद सत्र आयोजित कर महिलाओं को सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों एवं सुरक्षा संबंधी अधिकारों की जानकारी दी। महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि वे निडर होकर अपनी समस्याएं सामने रखें और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
यह अभियान न केवल महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक साबित हो रहा है, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा का माहौल भी मजबूत कर रहा है।
