
संपादक – शैलेश श्रीवास्तव
संतकबीर नगर –
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं, बालिकाओं एवं आमजन को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं आत्मरक्षा के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही महिला अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
चौपाल के माध्यम से संवाद और समाधान
पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर महिलाओं एवं ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान उनकी समस्याओं को सुना गया और त्वरित व विधिपूर्ण निस्तारण का आश्वासन दिया गया। चौपाल में महिलाओं को निडर होकर अपनी बात रखने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
एंटी रोमियो टीमों की सक्रिय भूमिका
जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों द्वारा बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं और छात्राओं को जागरूक किया गया।
थाना कोतवाली खलीलाबाद: बड़गो चौराहा, मेहंदावल बाईपास, गोला बाजार, बरदहिया बाजार
थाना दुधारा: पंजाब नेशनल बैंक सेमरियावा, इस्लामाबाद
महिला थाना: गोला बाजार, मेहंदावल बाईपास
थाना धनघटा: बसवारी गांव, जोगीपुर गायघाट
थाना महुली: लघु माध्यमिक विद्यालय हरिहरपुर
थाना मेंहदावल: जमुवट, परसा पाण्डेय, अंजहिया बाजार
थाना बखिरा: सोनौरा, नन्दौर चौराहा, कस्बा बखिरा
थाना धर्मसिंहवा: मुशायरा, हरैया, सिंघाहा
इन स्थानों पर महिलाओं एवं छात्राओं को पंपलेट वितरित कर मिशन शक्ति अभियान की जानकारी दी गई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—
महिला हेल्पलाइन: 1090
आपातकालीन सेवा: 112
एम्बुलेंस सेवा: 108
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
साइबर हेल्पलाइन: 1930
पोर्टल: cybercrime.gov.in
महिलाओं को किया गया सशक्त
महिला बीट अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों और कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया।
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति 5.0 के तहत संतकबीरनगर पुलिस का यह अभियान महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है।
